लखनऊ। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। ड्यूटी से गैरहाजिर मिले 219 संविदाकर्मियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। संबंधित कर्मचारियों को नोटिस देकर एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनकी सेवाएं समाप्त करने पर विचार किया जा सकता है।
विभागीय समीक्षा के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्रों पर दी जा रही सेवाओं की स्थिति भी परखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, बृहस्पतिवार की समीक्षा में 100 संविदाकर्मी अपने निर्धारित कार्यस्थल पर मौजूद नहीं मिले।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी नजर
विभाग की निगरानी में मरीजों को ओपीडी की सुविधा, अस्पतालों में प्रसव, दवाओं का वितरण और ऑनलाइन स्वास्थ्य परामर्श जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त गर्भवती महिलाओं की जांच, टीबी की पहचान, टीकाकरण और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग से जुड़े कार्यों की प्रगति भी देखी जा रही है।
लापरवाही पर होगी नियमानुसार कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। कर्मचारियों को निर्धारित जिम्मेदारियों का पालन करने और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना कार्यस्थल नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं में अनुशासन और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, नोटिस जारी होने के बाद संबंधित कर्मचारियों का पक्ष और विभागीय जांच के निष्कर्ष आगे की कार्रवाई में महत्वपूर्ण होंगे।

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