स्वयं की पहचान के लिए करना होगा महिला का सम्मान: डॉ. विवेक
-विधि अध्ययन संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हुआ कार्यक्रम
लोकतंत्र भास्कर
मेरठ। आज की महिला निर्भर नहीं हैं. वह हर मामले में आत्मनिर्भर और स्वतंत्र हैं और पुरुषों के बराबर सब कुछ करने में सक्षम भी हैं. हमें महिलाओं का सम्मान जेंडर के कारण नहीं, बल्कि स्वयं की पहचान के लिए करना होगा. हमें यह स्वीकार करना होगा कि घर और समाज की बेहतरी के लिए पुरुष और महिला दोनों समान रूप से योगदान करते हैं. यह जीवन को लाने वाली महिला है. हर महिला विशेष होती है, चाहे वह घर पर हो या ऑफिस में. यह बात सीसीएसयू के विधि अध्ययन संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. विवेक त्यागी ने कही।
विधि अध्ययन संस्थान के विभाग अध्यक्ष डॉ विवेक त्यागी ने कहा कि मनु स्मृति में स्पष्ट उल्लेख है कि जहां स्त्रियों का सम्मान होता है वहां देवता रमण करते हैं, वैसे तो नारी को विश्वभर में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है किंतु भारतीय संस्कृति एवं परंपरा में देखें तो स्त्री का विशेष स्थान सदियों से रहा है। सकारात्मक दृष्टि से देखें तो हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ी हैं फिर भी अभी महिला उत्थान के लिए काफी कुछ किया जाना शेष है। घर के चौके-चूल्हे से बाहर, व्यवसाय हो, साहित्य जगत हो, प्रशासनिक सेवा हो, विदेश सेवा हो, पुलिस विभाग हो या हवाई सेवा हो या फिर खेल का मैदान हो, महिलाओं ने सफलता का परचम हर जगह लहराया है। यहां तक कि महिलाएँ कई राष्ट्रों की राष्ट्राध्यक्ष भी रही हैं और कुछ तो वर्तमान में भी हैं। कार्यक्रम में आशीष कौशिक, डा. अपेक्षा चौधरी, डा. सुशील कुमार शर्मा, शेख अरशद, अपूर्व मित्तल, तरूण कुमार, सोहनवीर आदि रहें।