
लखनऊ: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में उत्तर प्रदेश ने पूरे देश में अपनी बादशाहत कायम की है। सूचना एवं जन संपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, राज्य में मनरेगा कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए एरिया ऑफिसर मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए सघन निरीक्षण किया जा रहा है। इस तकनीकी पहल के चलते वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,85,622 से अधिक निरीक्षण पूरे किए जा चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य 1,49,220 से कहीं आगे है।
एरिया ऑफिसर ऐप: निगरानी का नया आयाम
ग्राम्य विकास विभाग ने मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों की सटीक निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक को अपनाया है। एरिया ऑफिसर ऐप के माध्यम से अधिकारी कार्यस्थलों का दौरा कर वहां की प्रगति, गुणवत्ता और उपयोगिता की जांच करते हैं। इस दौरान कार्यस्थल की तस्वीरें और अन्य आवश्यक विवरण तत्काल ऐप पर अपलोड किए जाते हैं, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है। यह ऐप न केवल कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि परियोजनाएं निर्धारित समय पर पूरी हों।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में इस तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए उत्तर प्रदेश न सिर्फ रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास में आगे बढ़ रहा है, बल्कि कार्यों के निरीक्षण में भी देशभर के लिए एक मिसाल बन गया है। एरिया ऑफिसर 2.0 रिपोर्ट के अनुसार, 20 मार्च 2025 तक उत्तर प्रदेश ने 1,85,622 निरीक्षणों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है। इसके बाद झारखंड (1,35,422), आंध्र प्रदेश (1,26,063), बिहार (98,593) और तेलंगाना (97,544) का स्थान रहा।
निरीक्षण में अधिकारियों की मेहनत लाई रंग
प्रदेश के कार्यक्रम अधिकारियों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों की कड़ी मेहनत ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है। ग्राम्य विकास आयुक्त श्री जी.एस. प्रियदर्शी ने बताया कि मनरेगा के तहत सभी कार्य निर्धारित समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे करने के लिए नियमित निरीक्षण पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “अधिकारी कार्यस्थलों का दौरा कर योजनाओं की प्रगति का जायजा ले रहे हैं ताकि विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना हमारा प्रमुख लक्ष्य है।”
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1 अप्रैल 2024 से अब तक खंड विकास अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी तेजी से कार्यस्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान 1,85,622 निरीक्षण पूरे किए गए, जो राज्य द्वारा निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक है। यह उपलब्धि अधिकारियों के समर्पण और तकनीक के प्रभावी उपयोग का परिणाम है।
मनरेगा: ग्रामीण विकास का आधार
मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का एक प्रमुख स्रोत है। इसके तहत तालाब निर्माण, खेल मैदान, ओपन जिम, आंगनवाड़ी केंद्र, अन्नपूर्णा भवन जैसे विभिन्न विकास कार्य संचालित हो रहे हैं। इन कार्यों की नियमित निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एरिया ऑफिसर ऐप एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रहा है। इस ऐप के जरिए न केवल कार्यों की प्रगति पर नजर रखी जा रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ रही है।
उत्तर प्रदेश का मॉडल देश के लिए प्रेरणा
उत्तर प्रदेश ने मनरेगा कार्यों की निगरानी और निरीक्षण में जो उपलब्धि हासिल की है, वह अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल बन गया है। एरिया ऑफिसर ऐप के जरिए तकनीक और प्रशासनिक कुशलता का यह संगम न केवल ग्रामीण विकास को गति दे रहा है, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का एक नया मानदंड भी स्थापित कर रहा है।
ग्राम्य विकास विभाग का यह प्रयास न सिर्फ मनरेगा के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद कर रहा है, बल्कि ग्रामीण भारत के समग्र विकास की दिशा में एक ठोस कदम भी साबित हो रहा है।