इस स्कूल में गुड मॉर्निंग नहीं, बोला जाता है जय हिंद
लोकतंत्र भास्कर
मेरठ। अमेरिकन किड्स साकेत में जहां एक ओर बच्चे अत्याधुनिक ऑब्जेक्ट्स के माध्यम से उन्नत शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, वहीं अपनी पौराणिक संस्कृति से भी जुड़े हुए हैं। यहां प्रत्येक दिन असेंबली में गायत्री मंत्र, महामंत्र नमोकर एवं श्री हनुमान चालीसा बच्चों को पढ़ाया जाता है।
गौरतलब ये है कि बच्चे सुबह स्कूल में आने के समय स्कूल के देहरी पर माथा टेकते हैं, वहीं एक दूसरे को विश करने के लिए गुड मॉर्निंग, गुड नून नहीं अपितु “जय हिंद” का उच्चारण किया जाता है। स्कूल प्रबंधक विख्यात कवि सौरभ जैन सुमन ने बताया, बच्चे सुबह उठकर अपने दादी, बाबा और माता-पिता के चरण छूते हैं। बच्चियां भी उन्हें नमस्कार बोलती हैं। उन्होंने कहा कि एकेडमिक शिक्षा हर स्कूल दे रहा है, किंतु संस्कार देना अलग बात है। यदि बच्चे शुरू से संस्कारी होंगे तो उच्च शिक्षा और संस्कार दोनों मिलकर भविष्य उज्वल कर देंगे।
सभी धर्मों के पर्व मनाए जाते हैं
स्कूल की सेंटर हेड सोनिया तिवारी ने कहा, स्कूल प्रत्येक भारतीय पर्व मनाता है, सावन की शुरुवात से ही प्रत्येक दिन बच्चे भगवान भोलेनाथ को अर्घ्य क्षेपित करके पढ़ाई शुरू करेंगे। इसी प्रकार होली, जन्माष्टमी, बैसाखी, दीपित्सव, क्रिसमस, मीठी ईद, महा पुरुषों की जन्म जयंतियाँ आदि हर्षोल्लास से मनाई जाती हैं।
स्कूल में हर धर्म का सम्मान
स्कूल प्रिंसिपल निरुपमा लाल ने कहा, वो स्वयं ईसाई हैं तथापि स्कूल के द्वारा जो संस्कार पौराणिक भारतीय परंपरा के बच्चों को दिए जा रहे हैं, वो अतुल्य हैं और वो बढ़चढ़ कर इनमें हिस्सा लेती हैं और सभी स्टाफ मेंबर्स को प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा, स्कूल में सांप्रदायिक सौहार्द के लिए अनेक आयोजन किए जाते हैं। उन्होंने बताया की हमारे स्टाफ में हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, जैन आदि सभी लोग मौजूद हैं, जिनके माध्यम से प्रत्येक के धार्मिक संस्कार एवं रीति रिवाज हम बच्चों को सीखा रहे हैं।