वाशिंगटन: भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर पिछले 9 महीनों से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में फंसे हुए हैं। उनकी यह यात्रा केवल 8 दिनों के लिए निर्धारित थी, लेकिन तकनीकी खराबियों के कारण उनकी वापसी संभव नहीं हो सकी। अब, नासा और एलन मस्क की कंपनी SpaceX मिलकर उन्हें सुरक्षित वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।
क्यों हुई वापसी में देरी?
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने जून 2024 में बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से ISS की यात्रा की थी। हालांकि, यान में हीलियम गैस का रिसाव और थ्रस्टर फेलियर जैसी गंभीर तकनीकी समस्याएं सामने आईं, जिससे उनकी वापसी लगातार टलती गई। नासा के वैज्ञानिकों ने कई बार सुधार की कोशिश की, लेकिन सभी प्रयास असफल रहे।
SpaceX का मिशन शुरू
नासा और SpaceX ने मिलकर क्रू-10 मिशन लॉन्च किया है, जो फाल्कन 9 रॉकेट की मदद से ISS तक पहुंचा है। इस मिशन का लक्ष्य नए अंतरिक्ष यात्रियों को ISS भेजना और सुनीता विलियम्स व उनके साथी को पृथ्वी पर वापस लाना है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 16 मार्च 2025 तक दोनों की सफल लैंडिंग हो सकती है।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
इतने लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के कारण सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। हाल ही में उनकी एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें उनकी कमजोर स्थिति नजर आ रही थी। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक भारहीनता में रहना हड्डियों और मांसपेशियों पर प्रभाव डाल सकता है।
क्या कहती हैं अंतरिक्ष एजेंसियां?
नासा और स्पेसएक्स दोनों ही मिशन को पूरी तरह से सुरक्षित और सफल बनाने के लिए काम कर रहे हैं। नासा ने एक बयान में कहा,
“हम अपने अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं और जल्द ही सुनीता विलियम्स व बुच विल्मोर को सुरक्षित पृथ्वी पर लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।”
अब पूरी दुनिया की नजरें इस मिशन पर टिकी हैं। क्या SpaceX और नासा उन्हें सफलतापूर्वक वापस ला पाएंगे? इसका जवाब कुछ ही दिनों में मिल जाएगा।