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Friday, April 4, 2025
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स्पेसएक्स क्रू-9 का ऐतिहासिक स्पलैशडाउन, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने के अंतरिक्ष प्रवास के बाद धरती पर लौटे

SpaceX Crew-9 makes historic splashdown, Sunita Williams and Butch Wilmore return to Earth after 9 months in space


नासा के दो अनुभवी अंतरिक्ष यात्री, भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर 9 महीने तक फंसे रहने के बाद आज, 19 मार्च 2025 को धरती पर सुरक्षित लौट आए हैं। स्पेसएक्स के क्रू-9 मिशन के तहत ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने फ्लोरिडा के तट के पास मेक्सिको की खाड़ी में सुबह के शुरुआती घंटों में सफलतापूर्वक स्पलैशडाउन किया। यह मिशन नासा, बोइंग और स्पेसएक्स के बीच एक जटिल समन्वय का परिणाम था, जो अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ।

 

मिशन की शुरुआत और चुनौतियाँ

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को मूल रूप से जून 2024 में बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के पहले मानवयुक्त परीक्षण उड़ान (Crew Flight Test) के तहत ISS पर भेजा गया था। इस मिशन का उद्देश्य स्टारलाइनर को नासा के कमर्शियल क्रू प्रोग्राम के तहत प्रमाणित करना था, ताकि यह नियमित रूप से अंतरिक्ष यात्रियों को ISS तक ले जा सके। मिशन की अवधि केवल 8 दिन निर्धारित की गई थी, लेकिन स्टारलाइनर के साथ कई गंभीर तकनीकी समस्याएँ सामने आईं। इसके थ्रस्टर सिस्टम में खराबी और हीलियम लीक की वजह से अंतरिक्ष यान ISS से सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस नहीं लौट सका। नासा ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को ISS पर छोड़ने का फैसला किया और स्टारलाइनर को बिना चालक दल के वापस लौटाया।

 

इसके बाद, सुनीता और बुच को उनकी वापसी के लिए स्पेसएक्स के क्रू-9 मिशन का इंतजार करना पड़ा, जो पहले से ही ISS पर क्रू रोटेशन के लिए निर्धारित था। यह इंतजार 9 महीने तक खिंच गया, जिसने इस मिशन को नासा के इतिहास में सबसे लंबे अनियोजित अंतरिक्ष प्रवासों में से एक बना दिया।

 

ISS पर 9 महीने: वैज्ञानिक योगदान और चुनौतियाँ

ISS पर अपने अप्रत्याशित लंबे प्रवास के दौरान, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने न केवल अपनी मौजूदगी से स्टेशन के संचालन को स्थिर रखा, बल्कि कई वैज्ञानिक प्रयोगों में भी योगदान दिया। सुनीता, जो पहले भी दो लंबे मिशनों में ISS पर रह चुकी हैं, ने सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में पौधों की वृद्धि, मानव शरीर पर अंतरिक्ष के प्रभाव और सामग्री विज्ञान से जुड़े प्रयोगों पर काम किया। बुच विल्मोर, जो एक पूर्व नौसेना पायलट हैं, ने स्टेशन के रखरखाव और रोबोटिक सिस्टम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

हालांकि, यह समय उनके लिए चुनौतियों से भरा रहा। लंबे समय तक सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में रहने से हड्डियों और मांसपेशियों पर असर पड़ता है, और दोनों को नियमित व्यायाम के जरिए अपनी शारीरिक स्थिति बनाए रखनी पड़ी। इसके अलावा, सीमित संसाधनों और अनिश्चित वापसी की स्थिति ने उनके मानसिक धैर्य की भी परीक्षा ली। फिर भी, दोनों ने सकारात्मक रवैया बनाए रखा, जो उनकी वापसी के समय उनके चेहरों पर दिखाई दिया।

देखिए सुनिता विलियम्स की नौ महीने बाद पृथ्वी पर सफल लैंडिंग का विडियो:

👉स्पेसएक्स क्रू-9 का स्पलैशडाउन सफल, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने बाद धरती पर लौटे

स्पेसएक्स क्रू-9 की भूमिका और सफल स्पलैशडाउन

स्पेसएक्स का क्रू-9 मिशन, जो मूल रूप से चार अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को ISS पर ले जाने और पिछले चालक दल को वापस लाने के लिए था, सुनीता और बुच की वापसी का माध्यम बना। ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने पिछले साल सितंबर में ISS के लिए उड़ान भरी थी और आज सुबह सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौटा। स्पलैशडाउन मेक्सिको की खाड़ी में हुआ, जहाँ नासा और स्पेसएक्स की रिकवरी टीमें पहले से तैनात थीं। कैप्सूल को पानी से निकालने के बाद, सुनीता और बुच को बाहर निकाला गया। सुनीता ने बाहर निकलते ही मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया, जो उनकी मजबूत इच्छाशक्ति और उत्साह का प्रतीक था।

 

स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाएँ

स्पलैशडाउन के बाद, दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को तुरंत मेडिकल जांच के लिए ह्यूस्टन में नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर ले जाया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों स्वस्थ हैं, लेकिन 9 महीने तक अंतरिक्ष में रहने के बाद पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण में ढलने के लिए उन्हें कुछ हफ्तों की रिकवरी की जरूरत होगी। नासा के चिकित्सा विशेषज्ञ उनकी हड्डियों की घनत्व, मांसपेशियों की ताकत और संतुलन पर नजर रखेंगे।

 

नासा, बोइंग और स्पेसएक्स के लिए सबक

यह घटना नासा के कमर्शियल क्रू प्रोग्राम के लिए एक महत्वपूर्ण सबक लेकर आई है। बोइंग स्टारलाइनर की असफलता ने इसकी तकनीकी तैयारियों पर सवाल उठाए हैं, और कंपनी अब इसे सुधारने के लिए काम कर रही है। दूसरी ओर, स्पेसएक्स के ड्रैगन ने एक बार फिर अपनी विश्वसनीयता साबित की, जिससे नासा और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग और मजबूत हुआ। नासा के प्रशासक ने इस मिशन को “कठिन परिस्थितियों में मानव क्षमता और तकनीकी उत्कृष्टता का उदाहरण” बताया।

 

वैश्विक प्रतिक्रिया और सुनीता का संदेश

सुनीता विलियम्स की वापसी ने विशेष रूप से भारत में उत्साह पैदा किया है, जहाँ उन्हें एक प्रेरणा के रूप में देखा जाता है। अपनी वापसी के बाद पहले संक्षिप्त बयान में, सुनीता ने कहा, “अंतरिक्ष में हर दिन एक नया सबक सिखाता है। मैं धरती की खूबसूरती को फिर से देखकर खुश हूँ, और यहाँ के लोगों के साथ फिर से जुड़ना चाहती हूँ।”

बुच विल्मोर ने भी अपने परिवार और टीम को धन्यवाद देते हुए कहा, “यह एक लंबी यात्रा थी, लेकिन हर पल इसके लायक था।” दोनों अंतरिक्ष यात्रियों का स्वागत न केवल उनके परिवारों और सहयोगियों ने, बल्कि दुनिया भर के अंतरिक्ष प्रेमियों ने भी उत्साह के साथ किया। यह मिशन अंतरिक्ष अन्वेषण के भविष्य के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा लेकर आया है।

 

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