अमेठी जिले में तैनात जिला समाज कल्याण अधिकारी मनोज कुमार शुक्ल पर विभाग के ही बाबू गोकुल प्रसाद ने रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगाया है। बाबू ने जिलाधिकारी अमेठी को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि समाज कल्याण अधिकारी ने धमकाकर उनके मोबाइल से 40,000 रुपये अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
चैंबर में बुलाकर किया जबरदस्ती
शिकायतकर्ता गोकुल प्रसाद के अनुसार, 26 दिसंबर 2024 को समाज कल्याण अधिकारी मनोज कुमार शुक्ल ने उन्हें अपने चैंबर में बुलाया और जबरन मोबाइल छीनकर फोन-पे पासवर्ड प्राप्त किया। इसके बाद अधिकारी ने अपनी पत्नी डॉ. अंजू शुक्ल के खाते में 40,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
डीएम को सौंपा साक्ष्य सहित शिकायती पत्र
बाबू गोकुल प्रसाद ने जिलाधिकारी को दी गई शिकायत में रुपयों के लेन-देन का साक्ष्य भी प्रस्तुत किया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए और दोषी अधिकारी को दंडित किया जाए।
समाज कल्याण मंत्री ने दिए जांच के आदेश
मामले को गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने विभाग के निदेशक कुमार प्रशांत को निर्देश दिया है कि अयोध्या मंडल के उपनिदेशक को मौके पर भेजकर जांच कराई जाए। मंत्री ने 20 मार्च तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख, होगी सख्त कार्रवाई
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा, “प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।” अब सभी की निगाहें 20 मार्च को आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो समाज कल्याण अधिकारी मनोज कुमार शुक्ल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना तय है।