महिलाओं में बढ़ रहा सर्वाइकल कैंसर का खतरा: डा. अंशुल बंसल
-विश्व कैंसर दिवस पर केएमसी अस्पताल में हुआ कार्यक्रम का आयोजन
लोकतंत्र भास्कर
मेरठ। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर रविवार को केएमसी अस्पताल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कैंसर से सम्बन्धित जानकारी प्रदान की गई और लोगों को जागरुक किया गया।
महिला कैंसर रोग विशेषज्ञा एवं सर्जन डा. अंशुल बंसल ने बताया, महिलाओं को कैंसर के लक्षण जैसे कि पेट में सूजन व दर्द, मासिक धर्म में अनियमितता, रजोनिवृति उपरान्त रक्तस्राव, मूत्र त्याग में दर्द, छाती में गाँठ आदि के बारे में अवगत कराया गया। यह भी समझाया कि ऐसे लक्षण होने पर तुरन्त डाक्टर से परामर्श कर अपना उचित इलाज व परीक्षण कराए। उन्होंने इस दौरान सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के लक्ष्णों के बारे में बताया। बताया कि अब महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा तेजी के साथ पनप रहा है। सर्जन डा. सुनील गुप्ता ने बताया कि मनुष्य के विभिन्न रोगों में आज भी कैंसर को लेकर यह भ्रान्ति रहती है कि अब तो रोगी का जीवन समाप्ति की ओर आ चुका है। उन्होंने उपाय से ज्यादा कैंसर बीमारी की रोकथाम पर ज्यादा ध्यान दिया। बताया कि केएमसी में टाटा मैमोरियल हास्पिटल मुम्बई के भी मरीज विश्वसनीयता के आधार पर आधुनिकतम रेडियोथेरेपी के लिए आते रहते हैं। डा. मनोज पाल (पूर्व कैंसर रोग विशेषज्ञ, राजीव गाँधी कैंसर हास्पिटल, दिल्ली) ने बताया कि लोगों में भ्रान्ति बनी हुई है कि कैंसर लाइलाज बीमारी है, जबकि ऐसा नहीं है, यदि कैंसर का प्रारम्भिक अवस्था में ही पता चल जाए तो इसका उपचार सम्भव है।
गंगा जल पीने से ठीक नहीं होता कैंसर: डा. पियूष
कैंसर सर्जन डा. पियूष गर्ग ने बताया कि कुछ लोग मरीजों को गुमराह करते हैं कि गंगाजल पिलाने से मरीज ठीक हो जाता है, गलत है। कार्यक्रम में डा. निधि अग्रवाल (कैंसर रोग विशेषज्ञा), डा. प्रतिभा अग्रवाल (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञा) आदि ने भी जागरूक किया।
11 गांव ले रखे गोद
सर्जन डा. सुनील गुप्ता ने बताया, अब से 5-6 वर्ष पूर्व केएमसी कैंसर संस्थान ने कैंसर जनजागरुकता अभियान के अन्तर्गत मेरठ की विभिन्न दिशाओं में अपनी आधुनिकतम चिकित्सीय सुविधा निम्न शुल्क पर प्रदान करने के लिए के 11 गाँव गोद ले रखे हैं। जिनमें शाहपुर जैनपुर, अरनावली, पूठ, भोला, लखवाया, गोविन्दपुरी, खानपुर, रसूलपुर, गोटका, कपसाड़ एवं माछरा है। इन गाँवों में समय-समय पर निःशुल्क शिविर एवं जन-जागरुकता कार्यक्रम का भी आयोजन करते रहते हैं।




