अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में हुए सनसनीखेज ग्रेनेड हमले के एक मुख्य आरोपी गुरसिदक की सोमवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। यह घटना आज, 17 मार्च 2025 को राजासांसी इलाके में उस समय हुई, जब पुलिस ने गुरसिदक और उसके साथी विशाल को पकड़ने के लिए ऑपरेशन चलाया। मुठभेड़ के दौरान हुई गोलीबारी में गुरसिदक गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। हालांकि, दूसरा आरोपी विशाल मौके से भागने में कामयाब रहा। इस घटना में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है।
पुलिस के अनुसार, छेहरटा थाने के SHO और उनकी टीम को सूचना मिली थी कि ग्रेनेड हमले के आरोपी गुरसिदक और विशाल मोटरसाइकिल पर सवार होकर राजासांसी इलाके में देखे गए हैं। पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की और आरोपियों को रोकने की कोशिश की। जब SHO ने उन्हें रुकने का इशारा किया, तो दोनों ने अपनी मोटरसाइकिल छोड़ दी और पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
इस हमले में हेड कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह के सिर में गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इंस्पेक्टर अमोलक सिंह की पगड़ी में एक गोली लगी, जो उनकी जान बचाने में मददगार साबित हुई। इसके अलावा, एक गोली पुलिस के वाहन से टकराई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने आत्मरक्षा में अपनी सर्विस पिस्तौल से जवाबी फायरिंग की। इस गोलीबारी में गुरसिदक को गोली लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा।
घायल गुरसिदक और हेड कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान गुरसिदक ने दम तोड़ दिया, जबकि गुरप्रीत सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन दूसरा आरोपी विशाल भागने में सफल रहा। उसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं।
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने इस घटना पर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, “अमृतसर मंदिर पर ग्रेनेड हमला करने वाला मुख्य आरोपी गुरसिदक आज पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उसने पुलिस पर गोली चलाई, जिसमें हमारे हेड कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और इंस्पेक्टर अमोलक सिंह की पगड़ी में गोली लगी। यह एक सुनियोजित ऑपरेशन था। हम सीमा पार बैठे लोगों और ISI की पंजाब में शांति भंग करने की हर कोशिश को नाकाम करेंगे। अपराध के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है और हम इसे सख्ती से लागू करेंगे।”
यह मुठभेड़ अमृतसर के एक मंदिर पर हाल ही में हुए ग्रेनेड हमले के बाद हुई, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। पुलिस को शक है कि इस हमले के पीछे सीमा पार से संचालित आतंकी संगठनों का हाथ हो सकता है। गुरसिदक और विशाल पर इस हमले को अंजाम देने का आरोप था। पुलिस अब इस मामले में गहन जांच कर रही है और फरार विशाल के ठिकानों का पता लगाने के लिए छापेमारी कर रही है। थाना छेहरटा में इस घटना के संबंध में FIR दर्ज की जा रही है, जिसमें हत्या का प्रयास, पुलिस पर हमला और अन्य धाराएं शामिल की जाएंगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था
इस मुठभेड़ के बाद अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और सीमा से सटे क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया है। कुछ लोग पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ इस बात से चिंतित हैं कि अपराधी इतने साहसी कैसे हो गए कि पुलिस पर हमला कर सकें।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें, ताकि इलाके में शांति और सुरक्षा बनी रहे। इस बीच, गुरसिदक की मौत और विशाल की फरारी ने इस मामले को और जटिल बना दिया है, जिसकी जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है।