क्षेत्रीय लेखपालों को पुलिस प्रशासन की सहायता ना मिलने से कई धमकियों का सामना करना पड़ रहा है
पीलीभीत/गजरौला। जनपद के गजरौला कला पीलीभीत आये दिन हो रहे लेखपालों के साथ विवाद व झगड़ा में उच्चाधिकारियों व पुलिस प्रशासन का सहयोग न मिलने के परिपेक्ष में तहसील सदर के क्षेत्रीय राजस्व कर्मचारियों में रोष है, उनका कहना है वर्तमान तहसीलदार व नायब तहसीलदार द्वारा भी लेखपालों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। लेखपाल ग्रामीण क्षेत्र का एक जिम्मेदार कर्मचारी है। जिसे अपने विभाग के कार्यों के साथ-साथ अन्य विभागों के कार्य भी करने पड़ रहे हैं। तहसील सदर में लेखपालों की संख्या बहुत कम है, एक एक लेखपाल के पास तीन से चार लेखपाल क्षेत्र है। कार्य की अधिकता व अत्यधिक बोझ होने से लेखपालों कहीं न कहीं शारीरिक व मानसिक रूप से भी पीड़ित है ।
लेखपालों के कई निजी सेवा सम्बन्धी कार्य काफ़ी समय से लंबित जिनको कई बार तहसीलदार को अवगत कराने के बाद भी आज तक कोई निस्तारण नहीं कराया गया। इसको लेकर तहसील सदर के लेखपालों में रोष है कार्य बहिष्कार व विरोध करने पर बनाई जा रही रणनीति बैठक की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष श्री कृष्ण मुरारी,संचालन तहसील मंत्री वीरेंदर कुमार ने की। उप जिलाधिकारी सदर ने दिया लेखपालों की समस्या निस्तारण का संतोषजनक आश्वासन दिया है। इस दौरान जिला स्तरीय पदाधिकारी अनवर अली अन्य साथी पदाधिकारी गण जीतेन्द्र कश्यप शैलेन्द्र गंगवार राम प्रकाश अरुण धीरज देवल पुष्पा यादव वीनस राजपूत शिल्पी गंगवार रामस्वरूप प्रतिमा दीपिका वर्मा सहित अत्यधिक संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।