बरेली। ब्रह्मपुरी में चल रही 165वीं रामलीला के मंचन में आज केवट संवाद की लीला और नाव यात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरु व्यास मुनेश्वर जी ने लीला से पूर्व भक्तों को संबोधित करते हुए बताया कि प्रभु श्रीराम अयोध्या से राजा दशरथ की आज्ञा लेकर माता सीता, लक्ष्मण और आर्य सुमंत के साथ रथ पर सवार होकर वनवास के लिए निकले। सबसे पहले वे अयोध्या से 20 किलोमीटर दूर तमसा नदी पहुंचे, फिर गोमती नदी को पार किया और प्रयागराज से 22 किलोमीटर दूर श्रृंगवेरपुर पहुंचे। श्रृंगवेरपुर निषादराज गुह का राज्य था, जहां मछुआरों और नाविकों के राजा निषादराज ने उनका स्वागत किया। वनवास की पहली रात श्रीराम ने निषादराज के यहां बिताई। गुरु व्यास ने बताया कि श्रृंगवेरपुर में इंगुदी (हिंगोट) का वृक्ष आज भी मौजूद है, जहां प्रभु ने निषादराज गुह से भेंट की थी। दोनों बाल सखा थे और एक ही गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण कर चुके थे। यहीं गंगा तट पर श्रीराम ने केवट से नदी पार करने की बात कही, लेकिन केवट सकुचाते हुए बोले-
“मागी नाव न केवटु आना। कहइ तुम्हार मरमु मैं जाना॥ चरन कमल रज कहुं सबु कहई। मानुष करनि मूरि कछु अहई॥”
इस लीला के मंचन के दौरान नाव यात्रा का आयोजन भी हुआ, जो नरसिंह मंदिर से शुरू होकर मलूकपुर चौराहा, सौदागरान, मस्जिद आला हज़रत, कूंचा सीताराम, बड़ा बाज़ार, नीम की चढ़ाई और थाना किला के सामने साहूकारा तक पहुंची। रास्ते में रामभक्तों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर नाव यात्रा का भव्य स्वागत किया। प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर और आला हज़रत दरगाह के निकट अखंड भारत गौरव ट्रस्ट व नाथ नगरी के राजा सेवा समिति के सदस्यों ने आरती उतारकर स्वागत किया। इसके बाद साहूकारे की हकीम तुलसी रामजी गली में केवट संवाद की लीला का मंचन हुआ, जिसमें रिंकू अग्रवाल और अशोक अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा।
रामलीला कमेटी के प्रवक्ता विशाल मेहरोत्रा ने बताया कि कल की लीला में ‘दशरथ मरण और चित्रकूट में भरत मिलाप’ का मंचन किया जाएगा। अध्यक्ष राजू मिश्रा ने सभी पदाधिकारियों और अतिथियों का स्वागत कर आभार व्यक्त किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई थी। शोभायात्रा में प्रभारी निरीक्षक किला, एसएसआई कोतवाली, बिहारीपुर चौकी इंचार्ज, मलूकपुर चौकी इंचार्ज ढाल की तरह आगे चल रहे थे। वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी जनार्दन आचार्य के साथ कमेटी के प्रमुख पदाधिकारी संरक्षक सर्वेश रस्तोगी, महामंत्री दिनेश दद्दा व सुनील रस्तोगी, कोषाध्यक्ष राज कुमार गुप्ता, लीला प्रभारी अखिलेश अग्रवाल व विवेक शर्मा, सत्येंद्र पांडेय, नीरज रस्तोगी, लवलीन कपूर, बॉबी रस्तोगी, दीपेन्द्र वर्मा, अमित वर्मा, धीरज दीक्षित, महिवाल रस्तोगी, एडवोकेट पंकज मिश्रा, सोनू पाठक आदि अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते नजर आए। यह आयोजन भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ, जिसमें बरेली की जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।