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Saturday, March 7, 2026
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बारात पहुंचते ही पहुंची चाइल्डलाइन टीम, रुकवाया बाल विवाह 

पीलीभीत। चाइल्ड लाइन जिला समन्वयक निर्वान सिंह ने बताया कि शुक्रवार को किसी अज्ञात व्यक्ति हैं ने 1098 पर सूचना देकर बताया, कि थाना माधोटांडा क्षेत्र के गांव लक्ष्मीपुर निवासी एक व्यक्ति अपने लगभग 17 वर्षीय पुत्र का बाल विवाह थाना न्यूरिया क्षेत्र जंगरौली आशा निवासी एक व्यक्ति की लगभग 15 वर्षीय पुत्री के साथ संम्पन्न कराने जा रहे हैं। सूचना मिलते ही चाइल्डलाइन टीम एक्टिव हो गई और चाइल्डलाइन टीम काउंसलर सुधीर कुमार, टीम सदस्य मनिस्ता गुल अंसारी, त्रिभुवन सिंह सोलंकी और थाना न्यूरिया पुलिस सब इंस्पेक्टर गौतम सिंह मौके पर जा पहुंचे।

टीम के पहुंचने से पूर्व ही बारात आ चुकी थी, मंडप सज गया था, बालिका के हाथों में मेहंदी रची गई थी। बाल विवाह किए जाने की तैयारियां जोरों शोरों से चल रही थी परंतु टीम के पहुंचते ही हड़कंप मच गया। टीम ने बालिका के परिजनों से बालिका की आयु के संबंध में दस्तावेज मांगे परंतु मौके पर कोई भी दस्तावेज बालिका के परिजन नहीं दिखा सके जबकि बालक की आयु के संबंध में कक्षा 10 वीं पास का अंक पत्र प्राप्त हुआ जिसमे अंकित जन्मतिथि अनुसार बालक अभी लगभग-17 वर्ष का है।

टीम ने दोनों पक्ष से घोषणापत्र भरवाते हुए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के नियमानुसार बाल विवाह रुकवा दिया गया। जिला बाल संरक्षण इकाई काउंसलर ने बालक एवं बालिका दोनों की काउंसलिंग की तथा अग्रिम कार्रवाई हेतु बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। जहां समिति ने बालिका की आयु के संबंध में कोई भी दस्तावेज न होने के कारण मंगलवार को पुनः समिति में पेश होने का आदेश पारित किया। टीम द्वारा बात करने पर दोनों पक्ष के परिजनों ने बताया कि उनको बाल विवाह के कानून की जानकारी नहीं थी। मंगलवार को दोनों नाबालिक को बाल कल्याण समिति के सामने अग्रिम कार्रवाई हेतु उनके परिजनों सहित प्रस्तुत किया जाएगा।

दरअसल, बाल विवाह अपराध है 18 वर्ष पूर्व कोई बालिका अथवा 21 वर्ष पूर्व कोई बालक का विवाह किया जाता है तो वह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दंडनीय अपराध है जिसमें सजा एवं जुर्माना दोनों का प्रावधान है।

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