
बीघापुर उन्नाव। विकासखंड क्षेत्र की गढ़ेवा गौशाला में पानी भर जाने के चलते संरक्षित जानवरों को पड़ोसी गांव करमी की ग्रामीण बाजार की बाउंड्री के अंदर बंद कर दिया गया था। अव्यवस्थाओं के चलते करमी बाजार में बंद जानवर भूखों मर रहे हैं।
गढ़ेवा गांव में संचालित गौशाला में बाढ़ का पानी भर जाने से गौशाला में बंद 102 गोवंशों को पड़ोस के गांव करमी स्थित ग्रामीण बाजार में बंद कर दिए गए थे। चरही न होने से गोवंश को कीचड़ युक्त जमीन में ही भूसा डालकर खानापूर्ति की जा रही है। गोवंशों का रखरखाव और अव्यवस्थाओं के चलते छोटे गोवंश मरने को मजबूर हैं। गौशाला में धर्मेंद्र कुमार, संतु व सत्यम केयरटेकर है। ग्रामीण बाजार के बाउंड्री के अंदर बंद जानवर गंदगी में रहने को मजबूर है ।बरसात के चलते चारों ओर कीचड़ भरा हुआ है। मृत गोवंश को हटाने के लिए भी व्यवस्थाएं नहीं है। एसडीएम रणवीर सिंह ने बताया कि सचिव व लेखपाल से आख्या मांगी गई है ।लापरवाही मिलने पर कार्यवाई की जाएगी। समाजवादी पार्टी के निर्मल पासवान ,कृष्ण कुमार यादव ने शासन से मांग करते हुए कहा कि गंगा कटरी क्षेत्र में चलने वाली गौशालाएं दुधारू साबित हो रही है । गौशाला में मर रहे गोवंशों की मासिक रिपोर्ट तथा शासन स्तरीय जांच कराकर गोवंशों के सुरक्षा संरक्षण के लिए की गई धन की बरबादी की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।




