बरेली। बामनपुरी में चल रही 165वीं श्री रामलीला के पांचवें दिन कलाकारों ने सीता स्वयंवर व धनुष यज्ञ की लीला का शानदार मंचन किया। जैसे ही भगवान श्री राम ने शिव धनुष उठाया, पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा।
लीला की शुरुआत में राजा जनक देश-विदेश के राजाओं को स्वयंवर के लिए आमंत्रित करते हैं और शर्त रखते हैं कि जो शिव धनुष को उठा और उसकी प्रत्यंचा चढ़ा सकेगा, वही सीता जी से विवाह करेगा। एक-एक कर सभी राजा धनुष को उठाने में असफल रहते हैं। राजा जनक व्यथित होकर पृथ्वी को वीरों से रहित बता देते हैं, जिससे लक्ष्मण जी क्रोधित हो जाते हैं और तीखे संवाद देते हैं। फिर, गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाते ही उसे तोड़ देते हैं, जिससे स्वयंवर संपन्न होता है।
शिव धनुष टूटने की गूंज हिमालय तक पहुंचती है, जिससे परशुराम जी स्वयंवर स्थल पर आ जाते हैं और राम-लक्ष्मण से संवाद होता है। रामलीला के इस भावनात्मक मंचन को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों और कायस्थ चेतना मंच के अध्यक्ष संजय सक्सेना, उपाध्यक्ष अमित सक्सेना बिंदु, और लवलीन कपूर ने स्वरूपों की आरती और पूजन कर लीला का शुभारंभ किया। प्रवक्ता विशाल मेहरोत्रा ने बताया कि अगले दिन भव्य श्रीराम बारात निकलेगी, जिसमें मुख्य अतिथि खत्री सभा अध्यक्ष अनुपम कपूर और डॉ. विनोद पागरानी होंगे। बारात का जगह-जगह स्वागत किया जाएगा और राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया जाएगा।
रामलीला अध्यक्ष राजू मिश्रा ने बताया कि बारात में महाकुंभ प्रयागराज से लाए गए गंगाजल को हुलियारों पर छिड़का जाएगा। कमेटी ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है और सभी भक्तों से आग्रह किया है कि वे बारात में किसी भी प्रकार का नशा न करें।
उपस्थित पदाधिकारी: संरक्षक सर्वेश रस्तोगी, महामंत्री दिनेश दद्दा, सुनील रस्तोगी, कोषाध्यक्ष राज कुमार गुप्ता, लीला प्रभारी अखिलेश अग्रवाल, विवेक शर्मा, सत्येंद्र पांडेय, नीरज रस्तोगी, बॉबी रस्तोगी, दीपेंद्र वर्मा, अमित वर्मा, धीरज दीक्षित आदि।