
बताया जा रहा है कि नगर निगम की ओर से कर बकाया को लेकर पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे। भुगतान न होने पर निगम प्रशासन ने नीलामी से संबंधित विज्ञापन भी जारी किया है, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।
आस्था से जुड़ा मुद्दा
त्रिवटी नाथ मंदिर शहर के प्राचीन और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े प्रमुख स्थलों में गिना जाता है। बड़ी संख्या में लोग यहां दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर की नीलामी की खबर सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने आक्रोश जताया है।
संगठनों का कहना है कि धार्मिक स्थल के साथ इस प्रकार की कार्रवाई आस्थावान लोगों की भावनाओं को आहत करने वाली है। उन्होंने प्रशासन से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
नगर निगम का पक्ष
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, कर वसूली की प्रक्रिया नियमों के तहत की जाती है और बकाया कर होने पर नोटिस व कानूनी कार्रवाई की जाती है। हालांकि, इस विशेष मामले में मंदिर प्रबंधन और निगम के बीच क्या संवाद हुआ, इस पर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
स्थानीय स्तर पर बढ़ी हलचल
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। धार्मिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि नीलामी प्रक्रिया वापस नहीं ली गई तो वे आंदोलन कर सकते हैं।




