
“20 से 25 हजार में बिहार में लड़कियां मिल जाती हैं”—
देशभर में तीव्र आक्रोश का कारण बन गया है। इस बयान को महिलाओं की गरिमा और सम्मान पर सीधा हमला बताया जा रहा है।
इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी के नेता कमल साहू ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी से गिरधारी लाल साहू को तत्काल पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा और माननीय प्रधानमंत्री वास्तव में महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण की बात करते हैं, तो नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए उत्तराखंड सरकार की मंत्री रेखा आर्या को भी तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
कमल साहू ने कहा,
“इस तरह की सोच रखने वालों द्वारा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अर्जित की गई संपत्तियों की जांच होनी चाहिए और यदि संपत्तियां अवैध पाई जाती हैं तो उन पर बुलडोज़र की कार्रवाई होनी चाहिए।”
उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए स्पष्ट किया कि,“इस बयान से साहू–राठौर समाज का कोई लेना-देना नहीं है। साहू–राठौर समाज हमेशा से नारी सम्मान, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक समानता की विचारधारा का समर्थक रहा है।”
कमल साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में महिलाओं के प्रति असंवेदनशील सोच रखने वाले लोग भरे पड़े हैं और उन्होंने इस संदर्भ में कुलदीप सेंगर मामले का भी उल्लेख किया।
बरेली का हिस्ट्रीशीटर है पप्पू गिरधारी, पहले हो चुकी है गैंगस्टर की कार्रवाई
आपत्तिजनक बयान को लेकर विवादों में घिरे गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पप्पू गिरधारी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले हैं और उनके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज रहे हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पप्पू गिरधारी के खिलाफ बारादरी थाना क्षेत्र में कई एफआईआर दर्ज की गई थीं। इन्हीं मामलों के आधार पर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी हो चुकी है। इसके अलावा बारादरी थाने में उनकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी, और वे थाने के पंजीकृत हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज हैं।
सूत्रों के अनुसार, पप्पू गिरधारी पर हत्या से संबंधित मुकदमे भी दर्ज हैं, जिनमें से एक मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित बताया जा रहा है।
बारादरी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर धनंजय पांडे ने बताया कि पप्पू गिरधारी के खिलाफ पूर्व में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज रहे हैं। फिलहाल उनके खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं है, लेकिन उनका आपराधिक रिकॉर्ड थाने के अभिलेखों में दर्ज है।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे बिहार की महिलाओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी करते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश में विरोध की लहर दौड़ गई।
महिला संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने इस बयान को महिला सशक्तीकरण के सरकारी दावों की पोल खोलने वाला करार दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद गिरधारी लाल साहू (पप्पू गिरधारी) ने सफाई देते हुए कहा कि वे देश की सभी बहन-बेटियों का सम्मान करते हैं और अपने बयान के लिए माफी मांगते हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर उनकी माफी को लेकर लोगों में असंतोष देखने को मिला।
भाजपा की भी आई प्रतिक्रिया
मामले पर भाजपा प्रवक्ता ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “यह बयान एक व्यक्ति के मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है। महिलाओं का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”




