
बरेली। शहर में झोलाछाप डॉक्टरों का अवैध धंधा तेजी से फैल रहा है। बिना योग्यता वाले ये लोग व्यस्त चौराहों, बाजारों और ग्रामीण मार्गों पर अस्थायी क्लिनिक बनाकर इंजेक्शन, ड्रिप और दवाएं देने का काम कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से न तो प्रभावी कार्रवाई हो रही है और न ही नियमित निगरानी की जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार अस्वच्छ माहौल में दिया जाने वाला गलत इलाज संक्रमण, लकवा और गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है। इसके बावजूद विभाग की निष्क्रियता को लेकर शहरवासियों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि विभाग सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन अवैध उपचार केंद्रों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों की जान जोखिम में पड़ने से बच सके।




