लखीमपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, पीओ डूडा डॉ. अजय कुमार सिंह की मौत

लखीमपुर खीरी, 03 जून 2025: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक दुखद सड़क हादसे ने प्रशासनिक महकमे को झकझोर कर रख दिया है। जिले में परियोजना अधिकारी (पीओ) डूडा के पद पर तैनात डॉ. अजय कुमार सिंह की मंगलवार को एक सड़क दुर्घटना में असमय मृत्यु हो गई। यह हादसा लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर हरगांव क्षेत्र में हुआ, जब उनकी कार अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। इस हादसे में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है।
जानकारी के अनुसार, डॉ. अजय कुमार सिंह लखनऊ निवासी थे और लखीमपुर में डूडा (जिला शहरी विकास अभिकरण) के परियोजना अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। मंगलवार को वह अपने बीमार बेटे का हालचाल जानने के लिए सीतापुर के परसेहरा माल क्षेत्र गए थे। वहां से लखीमपुर लौटते समय उनकी कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल ओयल जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, गंभीर चोटों के कारण डॉ. अजय कुमार सिंह ने अस्पताल में अंतिम सांस ली। हादसे में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिसका इलाज जारी है।
डॉ. अजय कुमार सिंह एक समर्पित और कुशल अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। उनके सहज व्यवहार और कार्य के प्रति निष्ठा ने उन्हें सहकर्मियों और प्रशासनिक अमले में सम्मानित बनाया था। उनके असामयिक निधन की खबर से प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। लखीमपुर के जिला प्रशासन और सहकर्मियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। एक पोस्ट में लिखा गया, “उनका सहज व्यवहार और कार्यों के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।”
हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार की तेज रफ्तार या तकनीकी खराबी हादसे का कारण हो सकती है। पुलिस ने हादसास्थल का मुआयना किया और क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में ले लिया है। लखीमपुर पुलिस और यूपी पुलिस के आधिकारिक हैंडल्स ने भी इस घटना की पुष्टि की है।
लखीमपुर खीरी जिला सड़क हादसों के मामले में पहले से ही संवेदनशील रहा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में लखनऊ में सड़क हादसों में 11.6% की वृद्धि दर्ज की गई, और खीरी जिला इस मामले में शीर्ष पर रहा। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चालकों की जागरूकता पर सवाल खड़े किए हैं।
डॉ. अजय के निधन की खबर सुनकर उनके परिवार और सहकर्मियों में गम का माहौल है। बताया जा रहा है कि वह अपने बीमार बेटे के लिए चिंतित थे और उनकी स्थिति जानने के बाद पलिया में एक जिलास्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए लौट रहे थे। उनके अचानक चले जाने से परिवार और प्रशासनिक समुदाय स्तब्ध है। लखीमपुर के अधिकारियों ने इस हादसे पर दुख जताते हुए परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। पुलिस इस मामले में गहन जांच कर रही है ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।




