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Saturday, March 7, 2026
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द्वारका के खरखरी नहर गांव में पेड़ गिरने से मां और तीन बच्चों की मौत, पिता गंभीर रूप से घायल

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में आज सुबह आई तेज आंधी और तूफान ने एक परिवार पर भयानक कहर बरपाया। द्वारका के खरखरी नहर गांव में तेज हवाओं के कारण एक भारी पेड़ खेत में बने ट्यूबवेल के कमरे पर गिर गया, जिससे कमरा पूरी तरह ढह गया। इस हादसे में एक मां और उनके तीन बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
जानकारी के अनुसार, आज सुबह दिल्ली में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ आंधी शुरू हो गई। खरखरी नहर गांव में एक खेत में बने ट्यूबवेल के कमरे में ज्योति (26), उनके पति अजय, और उनके तीन छोटे बच्चे मौजूद थे। इसी दौरान तेज हवाओं ने एक विशाल पेड़ को जड़ से उखाड़ दिया, जो सीधे ट्यूबवेल के कमरे पर जा गिरा। पेड़ के भारी वजन और तेज प्रभाव से कमरा ताश के पत्तों की तरह ढह गया, और उसमें मौजूद पूरा परिवार मलबे में दब गया।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश की और पुलिस को सूचित किया। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य में जुट गईं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने ज्योति और उनके तीन बच्चों को मृत घोषित कर दिया। अजय की हालत गंभीर बनी हुई है, और उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती किया गया है। उनकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर रखे हुए हैं।
मृतकों में ज्योति और उनके तीन छोटे बच्चे शामिल हैं, जिनकी उम्र 10 साल से कम बताई जा रही है। यह परिवार खरखरी नहर गांव में साधारण जीवन जी रहा था। अजय और ज्योति अपने बच्चों के साथ खेत में बने ट्यूबवेल के कमरे में रहते थे, जो उनकी आजीविका का हिस्सा भी था। इस हादसे ने एक पल में पूरे परिवार को तबाह कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह परिवार मेहनती और मिलनसार था, और इस घटना ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया है।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की संभावना जताई है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
मौसम विभाग ने गुरुवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी पहले ही जारी कर दी थी। इसके बावजूद, इस तरह की दुर्घटना ने प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में पुराने और कमजोर पेड़ों की निगरानी और समय पर उनकी कटाई जरूरी है। इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की भी जरूरत है ताकि इस तरह की त्रासदियों को रोका जा सके।
हादसे के बाद खरखरी नहर गांव और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग और पड़ोसी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं। गांव के एक निवासी ने बताया, “यह परिवार बहुत अच्छा था। इतनी बड़ी त्रासदी की कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। हम सब उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं।”
यह हादसा एक बार फिर मौसम से संबंधित आपदाओं से निपटने के लिए बेहतर योजना और जागरूकता की जरूरत को रेखांकित करता है। दिल्ली जैसे महानगर में, जहां शहरी और ग्रामीण दोनों तरह के इलाके मौजूद हैं, प्रशासन को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। साथ ही, लोगों को भी मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लेने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल, इस दुखद घटना ने एक परिवार को हमेशा के लिए तबाह कर दिया है, और पूरा शहर उनके लिए शोक व्यक्त कर रहा है।

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