
आगरा, 26 मार्च 2025: उत्तर प्रदेश के आगरा में बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के आवास पर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा मचाया। यह बवाल सांसद के एक विवादित बयान को लेकर हुआ, जिसमें उन्होंने मेवाड़ के शासक राणा सांगा को “गद्दार” करार दिया था। इस बयान से नाराज करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सांसद के हरिपर्वत इलाके स्थित आवास पर धावा बोल दिया, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी झड़प में एक पुलिस इंस्पेक्टर सहित कई लोग घायल हो गए।
प्रदर्शनकारी सुबह से ही एत्मादपुर क्षेत्र में जमा हो रहे थे और दोपहर करीब 1:30 बजे सांसद के आवास पर पहुंच गए। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने “जय श्री राम” के नारे लगाते हुए आवास के मुख्य गेट को तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने वहां रखी कुर्सियों को तोड़ा, खड़ी गाड़ियों के शीशे फोड़े और जमकर तोड़फोड़ की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बुलडोजर के साथ पहुंचकर सांसद के घर को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।
स्थानीय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। इस झड़प में इंस्पेक्टर हरीश पर्वत सहित कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। करणी सेना के कुछ कार्यकर्ताओं को भी लाठीचार्ज के दौरान चोटें पहुंचीं। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। हालांकि, इलाके में तनाव अभी भी बरकरार है।
यह पूरा विवाद सपा सांसद रामजीलाल सुमन के 21 मार्च को राज्यसभा में दिए गए एक बयान से शुरू हुआ। सुमन ने कहा था, “अगर मुसलमानों को बाबर का वंशज कहा जाता है, तो हिंदू गद्दार राणा सांगा के वंशज होने चाहिए। बाबर को भारत कौन लाया? यह राणा सांगा ही थे जिन्होंने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को आमंत्रित किया था।” इस बयान ने क्षत्रिय समाज और करणी सेना को आक्रोशित कर दिया, क्योंकि राणा सांगा को राजपूत इतिहास में एक वीर योद्धा के रूप में सम्मान दिया जाता है। सुमन के बयान के बाद से ही उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जो बुधवार को हिंसक रूप ले लिया।
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “रामजी लाल सुमन जी के घर इसलिए अटैक हुआ है क्योंकि वह दलित हैं। यह हमला उनकी जाति और उनके विचारों को दबाने की साजिश है। भाजपा और उसके सहयोगी संगठन दलितों और पिछड़ों के खिलाफ लगातार षड्यंत्र रच रहे हैं।” अखिलेश ने इस घटना को राजनीति से प्रेरित बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, रामजीलाल सुमन ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा, “मेरा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। मैंने ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर बात रखी थी। यह दुखद है कि मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। मैं सभी समुदायों का सम्मान करता हूं।”घटना के बाद आगरा पुलिस ने सांसद के आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। एक गेट को बंद कर दिया गया है, जबकि दूसरे गेट पर बैरियर लगाकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों से पूछताछ की जा रही है।
आगरा के पुलिस आयुक्त ने कहा, “स्थिति अब नियंत्रण में है। हम दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।”इस घटना ने आगरा में राजनीतिक और सामाजिक तनाव को बढ़ा दिया है। करणी सेना के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा ने कहा, “राणा सांगा हमारे गौरव हैं। उनके खिलाफ कोई भी अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम सांसद के घर की हर ईंट पर राणा सांगा का नाम लिखेंगे।” दूसरी ओर, सपा कार्यकर्ताओं ने इसे दलित विरोधी हमला करार देते हुए विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो घटना के समय आगरा में ही मौजूद थे, ने इस मामले पर कहा, “जो लोग जिन्ना और बाबर का महिमामंडन करते हैं, वे हमारे महापुरुषों का सम्मान क्या समझेंगे? कानून अपना काम करेगा।”फिलहाल, आगरा में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं। यह घटना न केवल राजनीतिक विवाद का कारण बनी है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी जातीय और सांप्रदायिक तनाव को हवा दे सकती है। मामले की जांच और इसके नतीजे आने वाले दिनों में स्थिति को और स्पष्ट करेंगे।




