– बिल्लेश्वर मंदिर से भवरेश्वर मंदिर पहुंची बाबा की बारात…
– नगर सहित आस पास के हजारों लोग बने बराती…
– प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण हुई यात्रा…
– गए माह एक सिरफिरे ने तोड़ दी थी मूर्ति…
उन्नाव-पुरवा । बाबा बिल्लेश्वर की खंडित हुई मूर्ति की पुनः प्राण प्रतिष्ठा आज पूर्ण हो गई। काशी से आए विद्वानों ने शास्त्रीय विधि विधान से मूर्ति का पूजन किया। इससे पूर्व आयोजकों ने शिव लिंग को विभिन्न तीर्थों की यात्रा करवाई ख़ास यह कि स्थापना से पूर्व हजारों शिव भक्त वाहनों से भोले की बारात लेकर भवरेश्वर मंदिर पहुंचे जहां बाद पूजन पुनः मंदिर आकर पूर्ति की स्थापना की गई।
तहसील मुख्यालय से तीन किमी दूर बाबा बिल्लेश्वर का मंदिर अत्यंत पुराना है किवदंती यह कि शिव मूर्ति का पहला पूजन महाभारत काल में अश्वस्थामा ने किया था। आज भी पहला पूजन राजा विक्रमादित्य करते हैं। दुखद यह कि अति प्राचीन और लाखों श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केंद्र मंदिर पर एक सिरफिरे ने गए माह हमला कर बाबा की मूर्ति खंडित कर दी थी यही नहीं इसी आरोपी ने एक दिन में अन्य पांच मंदिरों की मूर्तियां तोड़ दी थी।
बाबा की खंडित मूर्ति स्थल पर बाबा पुनः भव्य रूप में बिराजे क्षेत्र के होनहार व्यवसाई युवा संदीप शुक्ल पुत्र सुरेश शुक्ल ने नेतृत्व संभाला उनके साथ तमाम शिव भक्त साथ आए नतीजा बाबा को अपने स्थान पर आसीन करने का सपना आजळ साकार हो गया।
बतातें चलें कि तत्कालीन तहसील दार,सेवानिवृत अपर जिलाधिकारी/ प्रमुख आचार्य राधेश्याम पाठक के नेतृत्व में आचार्यों की टीम ने विधि विधान से स्थापना कार्य पूर्ण किया।स्थापना से पूर्व हजारों की संख्या में शिव भक्त अपने अपने वाहनों पर सवार डी जे और बैंड बाजे के साथ हर हर महादेव के गगन भेदी नारे लगाते हुए भवरेश्वर मंदिर पहुंचे इससे पूर्व राह के पांच मंदिरों में बाबा बिल्लेश्वर की पूजा करवाई गई उल्लेखनीय है कि बाबा के भव्य आयोजन का हिस्सा बनने की बेताबी हर किसी में दिखाई दे रही थी बाद दोपहर बाबा की बारात यात्रा पुनः मंदिर आकर समाप्त हुई।यात्रा में प्रमुख रूप से नगर पंचायत अध्यक्ष रेनू गुप्ता,पीसी मिश्र,सुरेश शुक्ल,दिनेश पांडेय,मनोज राजपूत,संतोष तिवारी, गुड्डू कोटेदार,संजय गुप्ता, छुन्नी गुप्ता,विशाल श्रीवास्तव,अमन शुक्ल, राजू गुप्ता,संजय त्रिपाठी,रज्जन यादव आदि रहे।
विशाल भंडारे में हजारों शिव भक्तों ने लिया प्रसाद
बाबा की बारात बाद भंडारे का आयोजन मंदिर परिसर में हुआ जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ा ही लजीज प्रसाद चखा। बताते चलें कि भंडारे की व्यवस्था भी एक दिन पूर्व शुरू हुई थी।देर रात तक भंडारे में भीड़ बनी रही।अनुमान है कि चार हजार से अधिक शिव भक्तों ने बाबा का प्रसाद ग्रहण किया।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
शिव भक्तों को किसी मुश्किल का सामना न करना पड़े मुख्य आयोजक संदीप शुक्ल व उनकी टीम ने पूरा ध्यान रखा पूर्व से घोषित आयोजन की सफलता में स्थानीय प्रशाशन ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी क्षेत्राधिकारी अजय सिंह, उपजिलाधिकारी उदित नारायण सेंगर सुबह से ही मंदिर परिसर में मौजूद रहकर यात्रा की निगरानी की सुरक्षा के लिहाज से पुरवा,मौरावां, असोहा,बीघापुर के थानाध्यक्षों के अलावा आधा सेक्शन पीएससी जवान भी लगाए गए थे।
सीओ व एसडीएम ने की अगवानी
बाबा की बारात की अगवानी में सीओ अजय सिंह और एसडीएम उदित नारायण सेंगर की भूमिका सराहनीय रही। बाबा का आशीष पाने को नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक भाजपा नेता विमल द्विवेदी, आरएसएस के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ अशोक दुबे, योगेन्द्र द्विवेदी,अधिवक्ता अरुण मिश्र, बालशंकर त्रिपाठी,आर एस एस के विजय सिंह,रामलाल,सुभाष,लक्ष्मी शंकर हिन्दू जागरण मंच के जिला संयोजक अजय त्रिवेदी सहित तमाम गणमान्यजनों ने उपस्थिति दर्ज कराई।
ब्रह्मचारी दंडी स्वामी ने स्थापित कराई मूर्ति
चित्रकूट से आए ब्रह्मचारी दंडी स्वामी ने बाबा की मूर्ति की स्थापना का कार्य सम्पन्न किया। इसके अलावा काशी से आए राघव द्विवेदी,अतुल द्विवेदी,सूर्यकांत तिवारी,अजय शंकर अवस्थी आदि आचार्यगणों ने शास्त्रीय विधि विधान से तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा कार्य पूर्ण किया।