लोकतंत्र भास्कर
मेरठ। वैश्विक मानव दुर्व्यवहार (ट्रैफिकिंग) विरोधी दिवस पर जहां वैश्विक समुदाय मनुष्य के दुर्व्यव्यापार के खिलाफ एकजुट होकर अपनी लड़ाई को विस्तार देने की शपथ ले रहा है, वही उत्तर प्रदेश के गैर सरकारी संगठन जनहित फाउंडेशन ने इस मौके पर जारी एक बयान में ट्रैफिकिंग के उभरते तौर तरीकों की रोकथाम के लिए एक समग्र और मजबूत एंटी ट्रैफिकिंग कानून की मांग की है।
अनीता राणा ने कहा कि जनहित फाउंडेशन पिछले 20 वर्षो से बाल अधिकारों, बाल विवाह, बाल श्रम व बाल दुर्व्यापार जैसे मुद्दों पर कार्यरत है। कहा कि जनहित फाउंडेशन, न्याय तक पहुंच कार्यक्रम के गठबंधन सहयोगी के तौर पर मेरठ जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए कार्य कर रहा है। न्याय तक पहुंच कानूनी हस्तक्षेपों के माध्यम से बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए दुनिया का सबसे बड़ा कार्यक्रम है, जिसमें 180 से भी ज्यादा राष्ट्रीय और स्थानीय सहयोगी गैर सरकारी संगठन 400 से ज्यादा जिलों में जमीन स्तर पर काम कर रहे हैं। बताते चलें कि मादक पदार्थ और हथियारों की तस्करी के बाद मानव दुर्व्यापार दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है और इसके सबसे ज्यादा पीड़ित बच्चे होते हैं। ट्रैफिकिंग के खिलाफ अभियान में आने वाली चुनौतियों की चर्चा करते हुए जनहित फाउंडेशन की निर्देशिका अनीता राणा ने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान हमने विभिन्न स्तर पर प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसी की मदद और उनकी कार्रवाइयों के नतीजे में ट्रैफिकिंग के पीड़ित बच्चों के कार्यरत है।