विज्ञान रटने की नहीं, बल्कि आत्मसात करने की विधा: डॉ. सुधीर गिरि
-श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय गजरौला, वीजीआई मेरठ, स्कूल ऑफ साईन्स, इंजीनियरिंग, एप्लाईड साईन्स के 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में किया प्रतिभाग
लोकतंत्र भास्कर
मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/ संस्थान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस-2024 पर 4 दिनों से आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के समापन पर उनके विजेता छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह एवं सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न वरिष्ठ वैज्ञानिकों/ शिक्षाविदों ने विज्ञान को रटने के बजाय जीवन में आत्मसात करने पर बल देते हुए नवाचारों के साथ रिसर्च को बढ़ावा देने का आवाहन किया।
श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/ संस्थान के डॉ. सीवी रमन सभागार में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस-2024 पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ समूह चेयरमैन डॉ. सुधीर गिरि, प्रधान सलाहकार प्रो. वीपीएस अरोड़ा, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. एके शुक्ला, कुलसचिव डॉ. पीयूष कुमार पाण्डे, सलाहकार आरएस शर्मा डॉ. राजेश सिंह एवं डीन एप्लाईड साईन्स डॉ. विश्वनाथ झा आदि ने सरस्वती माँ की प्रतिमा के सन्मुख दीप प्रज्जवलित करके किया। अपने सम्बोधन में समूह चेयरमैन डॉ. सुधीर गिरि ने कहा, आज विज्ञान एवं तकनीक के दम पर कई यूरोपीय देश दुनिया के सिरमौर बने बैठे है। हमें भी नयी शिक्षा निति के अनुरूप विज्ञान को रटने के बजाय आत्मसात करने की आवश्यकता है। प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि वेंक्टेश्वरा ने विज्ञान में शोध एवं अनुसंधान को बढावा दने के लिए अभी तक दुनिया के सौ से अधिक ख्याति प्राप्त अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों/ संस्थानों के साथ शैक्षणिक अनुबन्ध किया है। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डॉ. विश्वनाथ झा, डायरेक्टर डीन अकेडमिक अफेर्स डॉ. राजेश सिंह, डॉ. सीपी सिंह, डॉ. दिव्या गिरधर, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. ओम प्रकाश गोसाई, मेरठ परिसर से निदेशक डॉ. प्रताप सिंह एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पवनजीत कौर ने किया।