श्रीकृष्ण की भक्ति और चरणों में मिलता है प्रेम: पंडित विनय
लोकतंत्र भास्कर
मेरठ। आभा मानव मंदिर वरिष्ठ नागरिक सेवा सदन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन पंडित आचार्य विनय शास्त्री ने भगवान की अनेक लीलाओं में श्रेष्ठतम लीला रासलीला एवं श्रीकृष्ण गोपियों के दिव्यतम एवं निस्वार्थ प्रेम की कथा का वर्णन किया।
कहा कि सभी देवी-देवता श्रीकृष्ण के दिव्य प्रेम को तरसते है और कामना करते हैं कि हमें भी किसी रूप में भगवान का दिव्य प्रेम मिल जाए। सभी गोपियों के भाग्य की सराहना करते हैं कि बहुत पुण्य कर्म होने पर श्रीकृष्ण की भक्ति और श्रीकृष्ण के चरणों में प्रेम मिलता है। कथा व्यास ने कहा कि जब जीव में अभिमान आता है तो वह भगवान से दूर हो जाता है, लेकिन जब भगवान की याद में मनुष्य विरह में रोता है तो श्रीकृष्णा उस पर कृपा कर उसे दर्शन देते हैं। कथा व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होना बहुत सौभाग्य की बात है। सभी ने प्रेम पूर्ण भजनों का आनंद लिया और प्रसाद ग्रहण कर कथा का आनंद लिया।