टीम की निरीक्षण रिपोर्ट से राज्यपाल तथा राष्ट्रपति को भी अवगत कराया जाएगा।
देहरादून। उत्तराखण्ड पहाड़ की वादियों पर बसा हुआ भारत का ऐसा राज्य है जहाँ इन्सान दौड़भाग भरी ज़िन्दगी और तनाव से मुक्ति पाने ही लिए जाता है इसलिए देश ही नहीं अपितु दूसरे देशों से भी पर्यटक छुट्टियाँ मनाने के लिए उत्तराखण्ड का रूख़ करते हैं। परन्तु पिछले कुछ समय से उत्तराखण्ड की धामी हुकूमत वोट बैंक, धार्मिक तुष्टीकरण तथा कट्टरता की राजनीति के उद्देश्य से उत्तराखण्ड की खूबसूरती को नष्ट करना चाहती है।
दरगाह उस्तादे ज़मन ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष नबीरा ए आलाहज़रत मौलाना मो. कैफ रज़ा खान क़ादरी ने कहा कि उत्तराखण्ड में धामी हुकूमत क़दीमी मज़ारात को निशाना बना रही है कुछ मज़ारात को शहीद किया जा चुका है और कुछ मज़ारात को शहीद करने की योजना है यह किसी भी सूरत में न काबिले बर्दाश्त है। उन्होंने कहा कि धामी हूकूमत ख़ास मज़हब को टारगेट करके उनके आस्था के केन्द्र (मज़ारात) के खि़लाफ जो अभियान चला रही है इससे राज्य में साम्प्रदायिक माहौल खराब हो सकता है। मौलाना ने कहा कि राज्य की खुशहाली और उन्नति के लिए हुकूमत को काम करना चाहिए जबकि हुकूमत जानबूझ कर राज्य का माहौल खराब करने पर तुली है। उन्होंने सवाल किया कि इस तरह से एक सोची समझी साज़िश के तहत महज़ वोट बैंक साधने की नियत से राज्य को साम्प्रदायिकता की आग में झोंकना कहाँ तक सही है? क्या यह संभव है कि अवैध भूमि पर सिर्फ मज़ारात ही हों किसी अन्य धर्म का एक भी धर्म स्थल न हो अन्य अवैध धार्मिक स्थलों पर धामी हुकूमत खामोश क्यों है?
मौलाना ने कहा कि जल्द ही एक पाँच सदस्यीय निरीक्षण दल (टीम) का गठन करके टीम को उत्तराखण्ड भेजा जाएगा जो वहाँ शहीद हुए मज़ारात के साथ ही अन्य धर्मों के अवैध धार्मिक स्थलों पर भी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इस रिपोर्ट को राज्यपाल महोदय एवं राष्ट्रपति महोदय के समक्ष प्रस्तुत करके हस्तक्षेप का अनुरोध किया जाएगा।